क़ुरान मजीद को तजवीद से पढ़ना एक अलग शोबा है वो इन्शाल्लाह हम बाद में शुरू करेंगे। मगर अभी हम सिर्फ हुरूफ़ की अदाएगी करना सीख रहे हैं।